सूचना क्रांति के तमाम दावों के बावजूद भी कमस्यारघाटी की 12 हजार की आबादी दूरसंचार सुविधा से कोसों दूर है। संचार सुविधा न होने से क्षेत्र के लोगों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। लोगों को इंटरनेेट सेवा की सुविधा भी नहीं मिल पा रही हैं। सानीउडियार के मोबाइल फोन टावर से भी सिगनल महीने में अक्सर गायब ही रहते हैं। ऐसी परिस्थिति में लोगों को हैलो कहने के लिए यहां से 25 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। इसमें उनका काफी समय और पैसे की बर्बादी हो रही है।
जानकारी के अनुसार कमस्यारघाटी के बगराटी, खातीगांव, कपूरी, रावतसेरा, नरगोली, सिमायल, चंतोला, ठांगा, तुुषरेड़ा, पेठाए, गढ़ौली, भैंसूड़ी, टकनार, खाड़ी, कोटभंडार, खिड़वाकोट, माणा दिगोली, देवलबिछराल, अठपैसिया, नौलियागांव और भंडारीसेरा आदि गांवों की करीब 12 हजार की आबादी के लिए दूरसंचार की कोई सुविधा नहीं है। संचार सुविधा नहीं होने के कारण युवाओें को इंटरनेट की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि बीएसएनएल के सानीउडियार स्थित मोबाइल टावर से सिगनल अक्सर गायब रहते हैं। लोगों को दूरसंचार की सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र के लोग फोन पर बात करने के लिए यहां से 25 किमी दूर कांडा और बेड़ीनाग की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन टावर लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों से कई बार कह दिया है। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मोबाइल फोन टावर शीघ्र स्थापित नहीं किया गया तो 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में इसे मुद्दा बनाया जाएगा।