कपकोट के शिखर पर्वत पर स्थित मूल नारायण मंदिर में मौजूद श्रद्धालु।
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विकास खंड के सुुदूरवर्ती भनार गांव स्थित श्री श्री 1008 बंज्यैण देव और शिखर पर्वत स्थित श्री श्री 1008 श्री मूल नारायण मंदिर में आयोजित चतुर्दशी और पूर्णिमा के मेलों का भंडारे के साथ समापन हो गया है। इसके अंतर्गत कई गांवों के लोग ढोल नगाड़ों के साथ मंदिर में पहुुंचे। मंदिरों में दिन भर पूजा अर्चना हुई। इस मौके पर प्रस्तुत पारंपरिक चांचरी के गीतों में श्रद्धालु जमकर थिरके। बंज्यैण और नौलिंग के डंगरियों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को इच्छित वरदान दिए।
ग्राम पंचायत भनार स्थित श्री श्री 1008 बंज्यैण देव के मंदिर बुधवार रात को चतुर्दशी का मेला लगा। इसके अंतर्गत सनगाड़ गांव के श्रद्धालु व नौलिंग देवता के देव डांगर ढोल नगाड़ों के साथ मंदिर में पहुंचे। मंदिर में बुधवार को दिन से
ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। मेले में श्रद्धालुओं द्वारा रात भर पारंपरिक चांचरी के गीत प्रस्तुत किए गए। जिनमें मेलार्थी खूब थिरकते नजर आए। उन्होंने को देव चढूंल मासी क फूल..., शिखर, भनार, सनगाड़ चढूंल मासी क फूल... शिखर डान ह्यूं पड़ि र छोड़ि दे भिना मेरि धपेलि समेत कई चांचरी के गीतों का गायन किया।
इसके अलावा बृहस्पतिवार को शिखर पर्वत स्थित श्री श्री 1008 श्री मूल नारायण मंदिर में पूर्णिमा का मेला लगा। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पुजारी प्रेम सिंह धामी ने प्रसाद बांटा। मंदिर के श्री महंत उत्तमानंद महराज ने लोगों को आशीर्वाद दिया। विधायक बलवंत भौर्याल की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया था। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही, राम सिंह कोरंगा और ज्येष्ठ उप प्रमुख हरीश शाही आदि मौजूद थे।