शासन, शिक्षा विभाग की घोर उदासीनता से राजकीय हाईस्कूल तिलाड़ी की हालत खराब हो गई है। वहां रजिस्टर्ड 125 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक प्रधानाचार्य और दो शिक्षक रह गए हैं। शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई खासी प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों ने शिक्षकों की शीघ्र तैनाती न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
तिलाड़ी के स्कूल को वर्ष 1996 में हाईस्कूल का दर्जा मिला था। तब वहां पूरा स्टाफ था। अब वहां एक प्रधानाचार्य और दो शिक्षक रह गए हैं। हाईस्कूल में 125 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। शिक्षक न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। भवनों की हालत भी खस्ता है। खेल, विज्ञान सामग्री नहीं है। क्रीड़ा मैदान, स्कूल भवन के पीछे की दीवारें भी दैवी आपदा से टूट गई हैं।
समस्याओं का समाधान न होने से क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है। उन्होंने कहा कि समस्याओं को लेकर पिछले दिनों देहरादून जाकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की लेकिन आश्वासन भी पूरे नहीं हो सके। जनप्रतिनिधियों पर भी असहयोग का आरोप है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। चेतावनी देने वालों में बीडीसी सदस्य प्रकाश जोशी, ग्राम प्रधान विमला देवी तोली, गजेंद्र सिंह धामी फुलवाड़ी, बलवंत सिंह गढ़िया सरपंच, अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष मान सिंह कोरंगा, पूर्व प्रधान देव सिंह गढ़िया, सामाजिक कार्यकर्ता शेर सिंह दानू आदि शामिल हैं।