जिला अस्पताल के निरीक्षण में तीन डॉक्टर और तीन कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने पर डीएम रंजना नाराजगी जताई। डीएम ने अनुपस्थित डॉक्टरों और कर्मियों का वेतन रोकने के सीएमओ को निर्देश दिए हैं। डीएम के निरीक्षण और कार्रवाई से अस्पताल में खलबली मची रही।
मंगलवार सुबह 10 बजे डीएम रंजना अचानक अस्पताल पहुंच गईं। सबसे पहले उन्होंने डॉक्टरों के केबिन चेक किए। तीन डॉक्टर अपने केबिन में नहीं बैठे थे। इसके अलावा तीन अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अनुपस्थित डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश दिए।
दवा वितरण काउंटर पर बी कांपलेक्स की गोलियां नहीं मिलीं। चीफ फार्मेसिस्ट द्वारा गोलियां गोदाम में होने की जानकारी देने पर उन्होंने उसे फटकार लगाई। साथ ही उपलब्ध दवाओं की सूची बाहर बोर्ड पर लिखने के निर्देश दिए। डीएम ने मरीजों के लिए बनने वाले भोजन और किचन का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने मरीजों के लिए बनने वाले भोजन की सूची बोर्ड में अंकित करने को कहा। डीएम ने कहा कि जिला अस्पताल से कम से कम मरीज हायर सेंटर को रेफर हों, इसके लिए डॉक्टरों को प्रयास करने होंगे। उन्होंने तीमारदारों से भी जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में बातचीत की। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सीडीओ एसएसएस पांगती, एसडीएम एसएस राणा, सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट, सीएमएस डॉ. एमपी सिंह मौजूद थे।
गंदगी पर ठेकेदार पर कार्रवाई करने के निर्देश
बागेश्वर। डीएम रंजना ने जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने वार्डों और शौचालयों में गंदगी मिलने पर ठेकेदार और एजेंसी के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश सीएमएस को दिए। डीएम ने बुधवार सुबह 10 बजे तक अस्पताल की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा।
ताश की गड्डी मिलने पर जताई नाराजगी
बागेश्वर। डीएम रंजना को मरीजों के लिए बनने वाले भोजन कक्ष के निरीक्षण के दौरान वहां ताश की गड्डी मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।