मोहन सिंह मेहता सीएचसी बैजनाथ में बुधवार को डॉक्टरों ने 115 रोगियों की जांच की। इसमें 50 पुरुष और 65 महिलाएं शामिल रहे। बुधवार को अस्पताल खुलने से पहले ही मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। अस्पताल खुलने से पहले ही दूरदराज के 23 मरीज अस्पताल पहुंच चुके थे।
अस्पताल में तैनात तीन डॉक्टरों ने सुबह आठ से 10 बजे तक 40 मरीज, 10 से 12 बजे के बीच 60 मरीज जबकि दोपहर एक से दो बजे के बीच 15 मरीज देखे। बुधवार को अस्पताल में 18 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की भी जांच की गई। चमोली और अल्मोड़ा जिले के भी कई मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसएस गुंज्याल ने कार्यालय का काम निपटाने के साथ ही मरीजों की भी जांच की।
दवा लेकर देते हैं दुआ
वरिष्ठ फार्मेसिस्ट आनंद वर्मा मरीजों की हरसंभव मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। वर्मा क्षेत्रवासियों को दवा की खुराक के अलावा अन्य मार्गदर्शन कुमाऊंनी भाषा में करते हैं। टीट बाजार निवासी सामाजिक कार्यकर्ता नवीन पांडे, सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र गोस्वामी ने बताया कि फार्मासिस्ट वर्मा का काम और सहयोग की भावना से लोग उन्हें दुआ देकर लौटते हैं।
डॉक्टर नहीं होने से अस्पताल बन रहा रेफरल सेंटर
सीएचसी बैजनाथ डॉक्टरों की कमी के चलते रेफरल सेंटर साबित हो रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसएस गुंज्याल के मुताबिक अस्पताल में सर्जन, दंत रोग विशेषज्ञ, निश्तेचक, हड्डी रोग विशेषज्ञ के अलावा स्थायी स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। इसके चलते गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों, दुर्घटनाओं के गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
कौन कब पहुंचा अस्पताल
बुधवार सुबह 7:45 बजे अस्पताल के वरिष्ठ फार्मेसिस्ट आनंद वर्मा सबसे पहले अस्पताल पहुंचे। इसके बाद करीब आठ बजे प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसएस गुंज्याल, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम प्रकाश, संविदा में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सपना राजपूत अस्पताल पहुंचे।