कांडा (बागेश्वर)। माणा कभड़ा गांव में मासूम को निशाना बनाना वाला तेंदुआ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आ सका है। तेंदुए की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए गांव में दस कैमरे और उसे पकड़ने के लिए तीन पिंजरेे लगाए गए हैं। वन विभाग के दस कर्मचारी भी गांव में तैनात हैं, लेकिन घटना को 20 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद विभाग के हाथ खाली हैं।
विगत तीन मई को तेंदुए के हमले में चार वर्षीय नैतिक की मौत हो गई थी। घटना के बाद से वन विभाग की टीम गांव में जमी हुई है। धरमघर रेंज के रेंजर प्रदीप कांडपाल ने बताया कि गांव में दो टीमें तैनात हैं, जिनमें एक-एक वन दरोगा, एक-एक वन आरक्षी और तीन-तीन वाचर हैं। कर्मचारी नियमित रूप से ट्रैप कैमरों की जांच कर रहे हैं। हालांकि अब तक तेंदुआ न तो पिंजरे के आसपास फटका है ना ही कैमरे में उसकी तस्वीर कैद हो पाई है। अलबत्ता गांव में तैनात कर्मचारियों के चलते विभाग को अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है।
कोट
माणा कभड़ा गांव में वन विभाग की टीमें नियमित तौर पर गश्त और कैमरों की निगरानी कर रही हैं। बच्चे को निशाना बनाने के बाद से गांव में तेंदुआ नहीं दिखा है। फिलहाल कर्मचारी गांव में ही तैनात रहकर उसकी मूवमेंट पर नजर रखेंगे। - ध्रुव सिंह मर्तोलिया, डीएफओ, बागेश्वर