बागेश्वर। भद्रतुंगा में पहली बार आयोजित कूर्मांचल लघु अर्धकुंभ श्रीराम महायज्ञ पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ संपन्न हो गया। समापन दिवस पर क्षेत्र और देश-विदेश के 10,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी भी गुजरात से महायज्ञ के समापन पर भद्रतुंगा पहुंचे। उन्होंने भव्य आयोजन के लिए समिति और क्षेत्रवासियों की सराहना की।
सरयू नदी के उद्गम स्थल सरमूल के पास भद्रतुंगा में पहली बार तीन मई से श्रीराम महायज्ञ का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारिवारिक गुरु महामंडलेश्वर अभिराम दास त्यागी के सपने को साकार करते हुए क्षेत्रवासियों ने भव्य आयोजन किया। नौ दिन तक चले आयोजन में देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं और साधु-संतों ने शिरकत की। रोजाना सुबह से हवन और दोपहर से प्रवचन हुए। बुधवार को भगवान राम और माता जानकी की मूर्तियों को स्थापित किया गया।
बृहस्पतिवार को पूर्णाहुति में सैकड़ों श्रद्धालुओं, यजमानों और संतों ने सुख और शांति की कामना के साथ आहुति डाली। शाम तक चले भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहां महंत देवानंद दास, विधायक सुरेश गढि़या, जिपं अध्यक्ष बसंती देव, ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू, आयोजन समिति के अध्यक्ष बलवंत सिंह भौर्याल, कोषाध्यक्ष नरेंद्र खेतवाल, ग्रामीण उत्थान समिति सचिव उमेश चंद्र जोशी समेत हजारों लोग मौजूद रहे।
पंकज मोदी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
बागेश्वर। पहली बार भद्रतुंगा पहुंचे पंकज मोदी को क्षेत्र की शांति और प्राकृतिक सुंदरता ने काफी प्रभावित किया। करीब ढाई घंटे तक वह भद्रतुुुंगा में रहे। इस दौरान उन्होंने सरयू नदी के किनारे कुछ समय बिताया। यज्ञ में भागीदारी की और क्षेत्रवासियों से बातचीत की। सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति के अध्यक्ष भगवत सिंह कोरंगा, महामंत्री कमला कुमल्टा, सलाहकार दयाल कुमल्टा ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के नाम ज्ञापन दिया।
ज्ञापन मेंं भराड़ी से भद्रतुंगा तक सड़क के चौड़ीकरण और सुधारीकरण, सरमूल में सरयू माता के भव्य मंदिर का निर्माण, क्षेत्र को प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकास आदि मांग शामिल हैं। संवाद