सरकार भले ही गांवों के विकास के लाख दावे करे, लेकिन गांवों के मौजूदा हालात हकीकत बयां कर ही देते हैं। बागेश्वर का बिलेख गांव भी विकास के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। इस गांव की पांच सौ से अधिक की आबादी को सड़क तक पहुंचने के लिए आठ किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है।
किसी के बीमार होने पर ग्रामीण उसे डोली में बिठाकर सड़क तक पहुंचाते हैं। लेकिन, दुश्वारियां यहां भी कम नहीं हैं, क्षतिग्रस्त और खतरनाक रास्तों से होकर इस तरह मरीज को सुरक्षित सड़क तक पहुंचाना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता है। - फोटो - बसंत चंदोला