समय- समय बारिश होने से विकास खंड के असिंचित खेतों में भी गेहूं का अच्छा उत्पादन होने की संभावना है। इन दिनों खेतों में गेहूं की अच्छी फसल देखकर किसानों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं।
विकास खंड में कुल पांच हजार हेक्टेयर असिंचित भूमि में गेहूं की फसल होती है। इस बार समय-समय पर बारिश होने से असिंचित खेतों में भी गेहूं की अच्छी फसल हुई है। विकास खंड के अणां, लोहारचौरा, कौलाग, रतमटिया, कौसानी, गढ़खेत, उड़खुली, मटे, डाक, डोलगांव, कपकोटी, सिरकोट, खितोली, मवई आदि गांवों बीएल 832,907 प्रजाति का गेहूं काश्तकारों ने बोया है।
विकास खंड के प्रगतिशील काश्तकार और अणां गांव निवासी ठाकुर सिंह रावत, मनाखेत निवासी नंदन सिंह बोरा, किसान क्लब देवनाई के अध्यक्ष सुंदर बरोलिया, कुमरौड़ा गांव निवासी प्रगतिशील काश्तकार मनोज भरड़ा ने बताया कि इस बार असिंचित इलाकों में गेहूं का अच्छा उत्पादन होगा।
सहायक कृषि अधिकारी एएमसी कांडपाल का कहना है कि असिंचित इलाके की फसल बारिश पर निर्भर रहती है। इस बार फसल को अनुसार पानी मिला है। उन्होंने बताया कि असिंचित इलाके में 24 -28 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गेहूं का उत्पादन होगा। जबकि गत वर्ष प्रति हेक्टेयर 17-18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन हुआ।