बागेश्वर में सड़क न बनाने की मांग को लेकर डीएम से मिलते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। रीठा, रैतोली, छोपना के ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर क्षेत्र के लिए एक और सड़क का निर्माण करने का विरोध किया है। कहा है कि इन गांवों में पहले से ही दो सड़कें हैं, तीसरी सड़क बनाना धन की बर्बादी के सिवा कुछ नहीं हैं।
डीएम विनीत कुमार से मिले ग्रामीणों का कहना था कि उपरोक्त गांव दोनों तरफ से सड़कों से घिरे हुए हैं। गरुड़-ग्वालदम मोटर मार्ग और कंधार-परकोटी मोटर मार्ग गांव के मध्य से होकर गुजरते हैं। प्रत्येक परिवार सड़क मार्ग से लगभग सौ मीटर की दूरी पर रहता है। अब गांवों के बीचों बीच एक और मोटर मार्ग का निर्माण किया जा रहा है।
स्वीकृत सड़क का निर्माण होता है तो ग्रामीणों की कृषि भूमि, पेयजल स्रोत आदि नष्ट हो जाएंगे। साथ ही कृषि पर निर्भर ग्रामीणों का जीवन यापन करना मुश्किल हो जाएगा। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया रिफॉरमिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल वनवासी ने कहा कि सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र न रोकने पर ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पर आमरण अनशन करने को बाध्य होगें। डीएम ने इस प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। आपत्ति करने वालों में ग्रामीण केदार सिंह, मोहन सिंह, दान सिंह, प्रकाश सिंह आदि मौजूद थे।
सड़क को अधिक चौड़ा करने पर आक्रोश
भिकियासैंण। मरचूला-भिकियासैंण मोटरमार्ग के थापला चेवा में सड़क अधिक चौड़ी काटे जाने को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए एसडीएम राहुल शाह को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में थापला के ग्रामीणों ने कहा है कि मरचूला-भिकयासैंण सड़क को मनमाने ढंग से काटा जा रहा है। मानकों के अनुसार सड़क का कटान सात मीटर होना है, जबकि कार्य को देखने वाले सुपरवाइजर अपनी मनमर्जी से इससे अधिक सड़क काट रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को अधिक नुकसान हो रहा है। अधिक कटान से कीमती खैर के पेड़ों को भी नुकसान पहुंच रहा है। पेड़ों को जेसीबी मशीन से डंपरों में लादकर अन्यत्र ले जाया जा रहा है। सड़क में मिल रहे रेत को निकालने के लिए बड़े-बड़े गड्ढे भी बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क का निरीक्षण करने का अनुरोध किया है। ज्ञापन देने वालों में प्रधान थापला गोविंद राम, प्रकाश चंद्र, मोहनसिंह आदि शामिल थे।