बागेश्वर शहर के गोमती नदी में बने पुल के पास दो-दो खतरे मंडरा रहे हैं। जहां एक ओर पुल के पास खोखला हो चुका एक पोल हवा चलने में ही लहराने लगा है। वहीं पुराने पुल के फर्श में बिछाए गए डामरीकरण में पड़ी दरार गहराती जा रही है। इसके चलते लोगों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। जानकारी के बाद भी जिम्मेदार विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
गोमती पुल के समीप स्थित बिजली का एक पोल जड़ में जंक लगने से पूरी तरह से खोखला हो चुका है। हालात यह हैं कि पुल की ओर झुका यह पोल अब तेज हवा चलने में ही लहराने लगा है। पोल टूटा तो इसके करेंट युक्त तार लोहे के पुल पर गिरेंगे। ऐसे में राहगीरों की जान के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। विद्युत विभाग को कई बार बताने के बाद भी खतरा बने पोल को नहीं हटाया गया है। दूसरा खतरा भी इस पोल से महज पांच मीटर की दूरी पर गोमती पुल के बीचोबीच पैदा हो गया है।
नेशनल हाइवे की सड़क में स्थित इस पुराने पुल के फर्श में विभाग द्वारा कुछ माह पूर्व लोहे की प्लेटे बिछाई गई थी। लोहे के फर्श के ऊपर नट बोल्ट से वाहन संचालन में दिक्कतें आ रही थी। साथ ही दोपहिया वाहनों के फिसलने का भी खतरा बना हुआ था। इसको देखते हुए विभाग ने इसके ऊपर हॉटमिक्स कर दिया था। परंतु लोहे की प्लेटों के ऊपर किया गया हॉटमिक्स टुकड़ों में तब्दील हो गया है। डामर में चौड़ी दरार पड़ चुकी है।
वाहनों के चलने से पैदा होने वाले कंपन से डामर के टुकड़े टूटकर नदी में गिर रहे हैं। इस पुल से लोगों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। डामर के बड़े टुकड़ों के नदी की ओर सरकने से बड़े वाहनों के संचालन के समय राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है। इस सड़क से अधिकारी व नेता लगातार गुजर रहे हैं लेकिन अभी तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।