बागेश्वर। जिला मुख्यालय से दस किमी की दूरी पर बसे धारी गांव के समीप कुदरत की अनूठी रचना को पर्यटकों का इंतजार है।
सदियों से बनी चंद्रभागा नामक गुफा अब तक प्रशासन और सैलानियों की नजरों से दूर है। शासन-प्रशासन की नजर पड़ जाए तो यह स्थल प्रसिद्ध पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो सकता है।
धारी गांव की सरहद पर बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग के समीप यह गुफा स्थित है। सदियों पुरानी इस गुफा के भीतर पाताल भुवनेश्वर गुफा की तर्ज पर कई आकृतियां बनी हुई हैं।
स्थानीय लोगों के लिए यह गुफा सामान्य बात है लेकिन बाहर से आने वालों के लिए किसी कौतूहल से कम नहीं है।
वर्तमान में साधु देव गिरि के यहां रहने से गुफा चर्चा में आ गई है। साधु बताते हैं कि वह शीतलाखेत से यहां आए थे। धारी गांव के हनुमान मंदिर में पूजा करने गए तो वहां लोगों ने इस गुफा के बारे में जानकारी दी। गुफा के भीतर जाकर देखा तो वहां एक शिवलिंग बना हुआ है। जिसकी उन्होंने पहली बार पूजा-अर्चना की। गुफा के भीतर अन्य कई देवताओं के समान आकृतियां भी बनी हुई हैं।