कपकोट के गैरीखेत में सड़क नहीं होने पर पगडंडी पर डोली से मरीज को लाते ग्रामीण।
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आज जहां गांव-गांव को सड़क और बिजली से जोड़ने की बात कही जा रही हैं वहीं जिले में कई सड़कें घोषणा होने के बावजूद आज तक नहीं बन पाई हैं। इन्हीं में से एक हैं चलकाना लखमारा की पांच किमी की सड़क। ग्रामीणों का आरोप है कि नौ वर्ष पूर्व सड़क का प्रस्ताव बन गया था लेकिन आज तक सड़क नहीं बन सकी है।
करीब 500 की आबादी वाले चलकाना ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि 17 परिवारों वाले तोक गैरीखेत के लिए पूर्व विधायक शेर सिंह गढ़िया ने 2010 में गैरीखेत से लखमारा तक की पांच किमी सड़क का प्रस्ताव बनाया था। इन नौ वर्षों में पहले भाजपा, फिर कांग्रेस और फिर से भाजपा सरकार आई लेकिन किसी ने भी सड़क का निर्माण नहीं कराया। मरीजों और बुजुर्गों को डोली से सड़क तक पहुंचाया जाता है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पहले डीपीआर भेजी थी। अब दोबारा से 4.50 करोड़ की डीपीआर भेजी है।
ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की धमकी दी
बागेश्वर। नौ वर्षों से सड़क नहीं बनने से गुस्साएं चलकाना ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने मंगलवार को डीएम रंजना राजगुरु को ज्ञापन सौंपा। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क नहीं बनने पर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में रतन सिंह, करम सिंह, राकेश सिंह, नारायण आर्य, केदार सिंह, दीवान सिंह आदि शामिल थे।
प्रदीप आश्वासन देकर गए थे , अजय एक बार भी नहीं पहुंचे
ग्रामीणों के मुताबिक पांच साल में एक बार भी क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा गांव में नहीं पहुंचे हैं। साल 2012 में तत्कालीन सांसद प्रदीप टम्टा एक बार आये थे तब भी ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने आश्वासन दिया था लेकिन सड़क नहीं बन सकी।
विधायक भौर्याल ने भी एक साल पहले किया था वादा
ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्रीय विधायक बलवंत सिंह भौर्याल एक साल पहले गांव में आए थे तो उन्होंने भी कागजी कार्रवाई पूरी करवा जल्द ही सड़क निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक निर्माण तो दूर कागजी कार्रवाई नहीं हो सकी है।