देश में भले ही डिजिटलीकरण का दौर चल रहा हो लेकिन कपकोट की रेवती घाटी के गांव आज भी संचार सुविधा से महरूम हैं। गांवों में नेटवर्क नहीं पकड़ने से करीब तीन हजार की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के कुछ एक गांवों में सिग्नल आते हैं तो लोग अक्सर मोबाइल लिए वहां जाते दिख जाते हैं, ताकि फोन कर अपनों से की कुशलक्षेम जान सकें। शासन-प्रशासन तक कई बार अपनी बात पहुंचाने के बावजूद क्षेत्रवासियों को की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
मोबाइल टावर की स्वीकृति भारत सरकार से मिलती है। कपकोट की रेवती घाटी के बड़ेत में मोबाइल टावर लगाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र को संचार सुविधा से जोड़ा जाएगा। -आशीष निगम, बीएसएनएल, बागेश्वर