जम्मू के कुपवाड़ा में सोमवार की रात में पेट्रोलिंग के दौरान हृदय गति रुकने से गरुड़ के पांच कुमाऊं के जांबाज सैनिक शंकर सिंह अल्मिया (36) की मौत हो गई। इस सूचना से पैतृक गांव सेलीहाट में कोहराम मच गया। घर में सांत्वना देने वालों तांता लगा हैं। अंत्येष्टि बृहस्पतिवार को बागेश्वर में सैन्य सम्मान के साथ होगी।
गरुड़ ब्लॉक के जांबाज सैनिक शंकर पांच कुमाऊं रेजीमेंट में जम्मू के कुपवाड़ा सेक्टर में तैनात थे। सोमवार की रात पेट्रोलिंग के दौरान हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। पांच कुमाऊं के सैन्य अधिकारियों ने इसकी सूचना घर वालों को फोन से दी। जिससे उनके पैतृक गांव में कोहराम मचा है।
उनकी धर्मपत्नी दीपा, मां नंदी देवी, पिता धरम सिंह अल्मिया (प्रशासनिक अधिकारी कृषि विभाग बागेश्वर) बेटे सौरभ, अनूप का रोकर बुरा हाल है। उनके चाचा, एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी नंदन सिंह अल्मिया ने बताया कि शंकर के पार्थिव शरीर को सेना के जवान विमान से दिल्ली लाए।
शव देर रात घर पहुंचेगा। अंत्येष्टि सैन्य सम्मान के साथ बृहस्पतिवार को बागेश्वर में होगी। नौघर के प्रधान शंकर सिंह नेगी ने बताया कि जांबाज सैनिक एक माह पहले छुट्टी पर घर आया था।
जांबाज सैनिक शंकर सिंह के निधन पर सेंट एडम्स स्कूल गरुड़ में शोक सभा हुई। शोक में स्कूल बंद रहा। स्कूल की प्रधानाचार्य रजिया सिद्दीकी ने बताया कि शहीद के दोनों बेटे इसी स्कूल में पढ़ते हैं।
शंकर के निधन पर विधायक चंदन दास, कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण, ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण, जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट, साधन सहकारी समिति गरुड़ के अध्यक्ष आनंद बिष्ट, जीवन सिंह अल्मिया, बलवंत सिंह अल्मिया, पुष्कर अल्मिया, माल्दे की प्रधान कमला बिष्ट, दयाल बिष्ट, राजेंद्र बिष्ट, नर सिंह अल्मिया, हेम रावत, बलवंत सिंह रावत, गंगा सिंह अल्मिया, भाजपा के मंडल अध्यक्ष मंगल राणा आदि ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है।