कपकोट के कालापानी के जंगल में मौजूद गौवंशीय पशु, जिन्हें एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने सुरक्षित न?
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कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के चीराबगड़ गांव में कालापानी गधेरे में फंसे 12 गोवंशी पशुओं को एसडीआरएफ की टीम ने ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला लिया। तीन दिन से फंसे 18 पशुओं में से छह की पहले ही मौत हो चुकी थी।
रविवार को चीराबगड़ गांव के बकरी पालकों ने गधेरे में फंसे पशुओं को देखा। इसकी सूचना नगर पंचायत के शिवालय वार्ड के सभासद गोविंद कपकोटी को दी गई। कपकोटी ने एसडीआरएफ इंचार्ज हृदयेश सिंह परिहार को फोन के माध्यम से सूचित किया। मंगलवार को एसडीआरएफ की टीम गधेरे के पास पहुंची। एएसआई परिहार ने बताया कि जानवर गधेरे में फंसे थे। बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। टीम ने मशक्कत कर रास्ता तैयार किया। वहां जाकर देखा कि कुछ जानवर मरे हुए थे।
बाकी जीवित जानवरों को बचाने की मुुहिम शुरू की गई। एसडीआरएफ के जवानों और ग्रामीणों के सहयोग से बाकी जानवरों को बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि जानवर भूखे थे। बाहर निकालने के बाद उनके चारे का प्रबंध किया गया। जानवरों के कान में कोई टैग नहीं था जिससे जानवर लावारिस प्रतीत हो रहे हैं। उधर, सभासद गोविंद कपकोटी और सामाजिक कार्यकर्ता महेश कपकोटी ने बताया कि कुछ जानवरों को हल्की चोट भी आई थी। इलाज कराया जा रहा है।