ब्लॉक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांव बदियाकोट को यातायात से जोड़ने वाली 50 किमी लंबी रिखाड़ी-बदियाकोट सड़क के कटान का काम पूरा हो गया है। सड़क के विभिन्न गधेरों में निर्माणाधीन सात वैली ब्रिजों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। पीएमजीएसवाई के चीफ इंजीनियर कुमाऊं क्षेत्र ने सड़क और पुलों का मौका मुआयना किया। उन्होंने अभियंताआें को सड़क के प्रस्तावित सभी कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। सड़क का निर्माण होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। सड़क का शीघ्र ही विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष विधिवत शुभारंभ करेंगे।
मालूम हो कि 50 किमी लंबी पीएमजीएसवाई की रिखाड़ी- बदियाकोट सड़क वर्ष 2008 में मंजूर हुई थी। बीच में सड़क का निर्माण शिथिल पड़ गया था। विधायक ललित फर्स्वाण के प्रयासों से निवर्तमान सीएम हरीश रावत ने सड़क को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया। इससे सड़क के निर्माण तेजी आ गई। पीएमजीएसवाई के चीफ इंजीनियर कुमाऊं क्षेत्र बीएन तिवारी ने सड़क पर पैनी नजर रखने के अलावा महीने में तीन-तीन बार मौका मुआयना किया। सड़क का कटान अब बदियाकोट तक हो चुका है। बुधवार को तिवारी अपनी गाड़ी से सड़क का निरीक्षण करते राजकीय इंटर कालेज बदियाकोट तक पहुंचे। उनके साथ ईई जीसी खोलिया, एई मनोज भट्ट, जेई देवेंद्र कुमार थे। ईई ने बताया कि रिखाड़ी गांव के समीप किमी एक और दो, खलीधार टीआरसी क समीप दोगाड़ा, कर्मी भयांत गधेरा, कर्मी पीरी गाड़, बाछम के खरेकिया बाजार गधेरा, पिंडर के घटगाड़ नदी में वैली ब्रिजों का निर्माण पूर हो चुका है। तिवारी ने अभियंताओं को सड़क के सभी प्रस्तावित कार्याें को अच्छी गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। पूर्व कनिष्ठ ब्लाक उप प्रमुख हुुकुम सिंह दानू ने बताया कि सड़क का विधिवत उद्घाटन शीघ्र ही विधायक ललित फर्स्वाण और जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी करेंगे।
जेसीबी चालक, मशीन आपरेटर को किया पुरस्कृत
पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता कुमाऊं क्षेत्र बीएन तिवारी ने सड़क कटान में लगे जेसीबी मशीन के चालक गोकुल सिंह और कंप्रेशर मशीन आपरेटर लोकपाल सिंह को बेहरीन काम करने की खुशी में एक एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इन गांवों को मिलेगी यातायात की सुविधा
रिखाड़ी-बाछम सड़क बनने से बदियाकोट ग्राम पंचायत के साथ ही कुंवारी, कालूं, बोराचक, झारकोट, डौला, तीख, उगिंया, सोराग, बाछम और खाती के गांवों के लोगों को यातायात की सुविधा होगी। सड़क के निर्माण से इन गांवों की दूरी कम हो गई है। पिंडर पार के कई गांवों के लोग पहले पैदल चलकर तीसरे दिन ब्लाक मुख्यालय पहुंचते थे। अब ग्रामीण वाहन के जरिए एक दिन में अपना काम निपटाकर आसानी से घर लौट सकते हैं। सड़क कटान का काम पूरा होने पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र के गांवाें के विकास में तेजी आएगी। ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई के अभियंताओं से सड़क का हाटमिक्स शीघ्र करवाने की मांग की है।