बैशाख-जेठ झुलसाने वाली गर्मी के महीनों के रूप में जाने जाते हैं लेकिन इस बार हालात बदले हुए हैं। बेमौसम हो रही बारिश ने गर्मी के असर को बेअसर कर दिया है। जिन महीनों में लोग पसीने से भीगे रहते थे, उनमें इस बार गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ रही है। घाटी वाले इलाकों में सुबह के समय कोहरा ठिठुरन बढ़ा रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में सर्द हवाएं कंपकंपी छुड़वा रही हैं।
बुजुर्ग भी मौसम में हो रहे इस बदलाव से हैरान हैं। पिछले साल तक जून में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता था, इस साल 27 से 32 डिग्री के बीच रह रहा है। बागेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को मौसम साफ रहने के बावजूद अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहा।
क्या कहते हैं लोग
ऐसा मौसम पहले नहीं देखा। बैशाख और जेठ में कभी-कभार ही बारिश होती थी। इतना ठंडा भी नहीं होता था। इस साल माघ-फाल्गुन जैसा मौसम हो रहा है। रात को कंबल और रजाई ओढ़कर सो रहे हैं। -कमला देवी, सिटोली
जेठ में गर्म कपड़े पहनने पड़ रहे हैं। गांवों में लोग जून में सुबह के समय धूप तक सेंक रहे हैं। याद नहीं आता कि बैशाख-जेठ में ऐसा ठंडा मौसम पहले कभी रहा हो। -शांति देवी, देवतोली
बेमौसम बारिश ने इस साल फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। गर्मी के दिनों में ठंड होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इस तरह का मौसम पिछले वर्षों में देखने को नहीं मिलता था। मौसम न जाने आगे क्या रंग दिखाएगा। -दान सिंह, माल्दे
मौसम पूर्वानुमान...अगले चार-पांच दिन तक बारिश की संभावना नहीं
इस साल मई में सामान्य से अधिक बारिश होने से पहाड़ों में तापमान सामान्य से कम रह रहा है। मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य है। आगामी चार-पांच दिनों तक बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान तापमान में कुछ बढ़ोतरी होने की संभावना है। समय-समय पर हो रही बारिश से लोगों को अधिक गर्मी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मानसून में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। -बिक्रम सिंह, निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून