बागेश्वर। नगरपालिका की बोर्ड बैठक में पास किन्नराें की ओर से मनमानी वसूली रोकने के प्रस्ताव पर अब तक अमल नहीं हो सका है। पर्व और शुभ कार्यों में जरूरत से अधिक बधाई या उपहार मांगने पर रोक नहीं लगने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
किन्नर समाज के लोग शुभ कार्यों में जाकर लोगों से बधाई के स्वरूप कुछ राशि मांगते हैं। होली, दीपावली आदि त्योहारों पर बाजारों में भी नाच, गाकर आजीविका चलाने के लिए उपहार लेते हैं। हालांकि बदलते समय के साथ अब किन्नर लोगों से मनचाही रकम मांगने लगते हैं। नामकरण, शादी, जनेऊ, गृह प्रवेश आदि कार्यों में मांगी जाने वाली यह राशि 21 से 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है। आर्थिक रूप से संपन्न लोग खुशी से दे देते हैं लेकिन गरीबों के लिए परेशानी खड़ी हो जाती है। बद्दुआ के भय से लोग मना भी नहीं कर पाते हैं। ऐसे ही लोगों की परेशानी और शिकायत को देखते हुए पालिका ने पिछले साल 17 मई की बैठक में किन्नरों के लिए बधाई की राशि तय करने का प्रस्ताव पास किया था। हालांकि अब तक इसे धरातल पर नहीं उतारा जा सका है।
किन्नर समुदाय और लोगों के हितों को देखते हुए बोर्ड बैठक में शुभ कार्यों के अनुसार बधाई की दरें तय करने का प्रस्ताव पास किया गया है। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगरपालिका और किन्नर समाज के लोगों की बैठक में सर्वसम्मति से इस पर चर्चा की जानी है। जिला प्रशासन को संयुक्त बैठक करवाने के लिए पत्र भेजकर अनुरोध किया है। उम्मीद है जल्द ही यह निर्णय लागू कर दिया जाएगा। -सुरेश खेतवाल, नगरपालिका अध्यक्ष, बागेश्वर