जिले के आधा दर्जन गांवों की महापंचायत में सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, पशु अस्पताल और पोस्टऑफिस जैसी जरूरी सुविधाओं पर चर्चा की गई। सभी गांवों के लोगों ने एक माह के भीतर इन मामलों में प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर 15 मई को फिर से महापंचायत आयोजित कर आंदोलन की रणनीति तय करने का निर्णय लिया।
जिले के नैल गांव, पाये, डुंगरगांव, मजवे, बिलेख और नाउलिया गांवों के ग्रामीणों की ओर से आयोजित महापंचायत में मुख्य रूप से सड़क निर्माण, सिंचाई सुविधा, अस्पताल, पशु अस्पताल और मिनी पोस्टऑफिस खोलने की मांग प्रमुखता से उठी।
ग्रामीणों ने पाये गांव के लिए एससीपी के तहत स्वीकृत सड़क का शीघ्र निर्माण करने, कुकड़गाड़ से गांधी ग्राम अमतोड़ा होते हुए नैल, डुंगरगांव, मजवे को सड़क से जोड़ने, सात रतवे सड़क पर स्थित गिरजाघर के पास से नैल पापे सड़क का मिलान करने की मांग उठी। ग्रामीणों ने नैल पापै गांव में सिंचाई की सुविधा के लिए गोमती नदी से पंपिंग सेट स्वीकृत करने की मांग उठाई।
मीणों की पेंशन सुविधा के लिए गांव में पोस्टऑफिस और स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग भी उठाई गई। बाद में इन मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। क्षेत्रवासियों ने तय किया किया यदि प्रशासन की ओर से मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो 15 मई को फिर से महापंचायत आयोजित कर आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
महापंचायत में प्रधान हंसी देवी, मोहन सिंह, रमेश राम, उमेद सिंह, मोहन राम, कुश राम, गिरीश राम, राम सिंह, खीम सिंह, धन सिंह, कुंवर सिंह, बसंती देवी, जोगा सिंह रावत, चंदन राम सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।