अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन करते पोथिंग के आंदोलनकारी।
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पोथिंग गांव की लंबित समस्याओं को लेकर तहसील प्रांगण में आमरण अनशन पर बैठे जगत सिंह गढ़िया और रमेश सिंह गढ़िया का आमरण अनशन सोमवार को भी जारी रहा। गुस्साए समर्थकों ने तहसील प्रांगण में शासन-प्रशासन की उपेक्षा के विरोध में अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन शुरू हुए एक महीना से भी अधिक समय हो गया है, लेकिन समस्याएं आज भी जस के तस हैं। उन्होंने मांगें शीघ्र पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी। इसी स्थल पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी मोड से हटाकर बेस अस्पताल बनाने की मांग को लेकर सोमवार को नरेंद्र गढ़िया और सूरज मेहरा क्रमिक अनशन पर बैठे।
उधर पोथिंग गांव के आंदोलनकारियों ने दो तहसील कर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाया है। गुस्साए आंदोलनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। आरोपी कर्मियों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाई की मांग की है।
एसडीएम केएस टोलिया को दिए ज्ञापन में आंदोलनकारियों ने कहा है कि गत 16 सितंबर की रात दो तहसीलकर्मी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों से तहसील परिसर से उठने को कहा। परिसर नहीं छोड़ने पर होमगार्ड और पुलिस के जरिए हटाने की चेतावनी दी।
कर्मचारी नशे में प्रतीत हो रहे थे। उनकी इस हरकत से आंदोलनकारी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने एसडीएम से मामले की जांच कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में उत्तराखंड जन चेतना मंच पोथिंग के अध्यक्ष हरीश जोशी, संघर्ष समिति के अध्यक्ष गिरीश जोशी, पूर्व विधायक शेर सिंह गढ़िया, पूर्व कनिष्ठ ब्लाक उप प्रमुख भगवत गढ़िया, मदन गढ़िया, दरबान सिंह, महेश चंद्र, दरबान सिंहि और जमन सिंह आदि शामिल थे।