बागेश्वर। जिले के बिलेख गांव के लिए आज तक सड़क नहीं बन सकी है लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए जिला मुख्यालय आने के लिए आठ किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। बृहस्पतिवार को ग्रामीण एक मरीज को डोली पर बैठाकर सड़क पर लाए। जहां से उन्हें इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि गांव के राजेंद्र कुमार (60 ) पैरालाइज हो गए थे। प्रवीण कुमार, मोहन लाल, चंदन कुमार आदि की मदद से उन्हें गांव से रवाईंखााल तक पहुंचाया। फिर वाहन से दिल्ली भेजा गया। अब उनका इलाज दिल्ली में चलेगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण 2002 में सड़क के लिए आंदोलन कर रहे हैं। 2017 में गांव के लिए सड़क स्वीकृत हुई। लोनिवि, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने सर्वे भी किया, लेकिन आज तक सड़क नहीं पहुंच पाई। संवाद