डंगोली का मैथोडिस्ट चर्च जिले का सबसे पुराने चर्चों में शुमार है। ईसाई धर्म के लोगों ने 1913 में यहां चर्च की स्थापना की। क्रिसमस के दिन जिले के अलावा चमोली जिले के ईसाई धर्म के लोग भी यहां प्रार्थना सभा में भाग लेने पहुंचते हैं।
डंगोली के मैथोडिस्ट चर्च का इतिहास 104 पुराना है। ईसाई समुदाय के लोग आपस में चंदा कर क्रिसमस से कुछ दिन पहले चर्च का रंगरोगन कराते हैं। डंगोली निवासी राजेश एंथनी का कहना है कि ईसाई धर्म के लोग जिले में वर्ष 1885 में कनाडा और लंदन से यहां आए थे।
बाद में ईसाई समुदाय की संख्या बढ़ने पर बुजुर्गों ने चंदा कर ग्वाड़ पजेना में (डंगोली) में 1913 में चर्च की स्थापना की। चर्च के सुधारीकरण और सुंदरीकरण के लिए स्थानीय विधायक और सांसद से कई बार मांग की गई, लेकिन आज तक किसी ने कोई मदद नहीं की।
एंथनी ने बताया कि क्रिसमस के मद्देनजर चर्च का रंगरोगन करवा दिया गया है। क्रिसमस के दिन चर्च में सुबह 11 बजे प्रार्थना होगी। पादरी चंद्रपाल प्रार्थना सभा कराएंगे। जिले का सबसे प्राचीन चर्च होने के नाते क्रिसमस के दिन जिले के दूरदराज के गांवों में बसे लोगों के अलावा चमोली जिले के ईसाई समुदाय के लोग प्रार्थना सभा में यहां भाग लेने आते है।