कपकोट (बागेश्वर)। दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के सरकारी दावों की सच्चाई कपकोट तहसील के नाचनी स्वास्थ्य उपकेंद्र का हाल देख कर देखी जा सकती है। पिछले एक महीने से अधिक समय से इस उपकेंद्र पर ताला लटका हुआ है। आलम यह है कि साधारण बुखार और सिरदर्द की गोली लेने के लिए भी ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर कपकोट सीएचसी के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
वर्तमान में दुलम, बड़ेत, कफलानी, वरूग, खारबगड़, खाईबगड़ और बांसे आदि गांवों में वायरल बुखार, पीलिया और टाइफायड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मौसम के बदलाव के साथ गांव-गांव में बीमारी पांव पसार रही है लेकिन प्राथमिक इलाज देने वाले उपकेंद्र का ताला खोलने के लिए एक भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं की इस बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने बड़ेत क्षेत्र के जिपं सदस्य सुंदर गढ़िया से गुहार लगाई। जिपं सदस्य ने मौके पर पहुंचकर उपकेंद्र का निरीक्षण किया तो वहां ताला लटका मिला और बदहाली की हकीकत सामने आई। उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल उपकेंद्र में स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति कर ताला खुलवाने की मांग की है।
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नाचनी उपकेंद्र में तैनात सीएचओ और फार्मासिस्ट का तबादला हो चुका है जबकि एएनएम का रिटायरमेंट हो गया है। स्टाफ न होने के कारण उपकेंद्र की सेवाएं बाधित हुई हैं। विभाग की ओर से एएनएम, सीएचओ और फार्मासिस्ट की नई तैनाती के बाद तुरंत उपकेंद्र में स्टाफ नियुक्त कर दिया जाएगा, जिसके बाद ग्रामीणों को पुनः स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने लगेंगी।
-डॉ. अनुभा, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी कपकोट
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