बागेश्वर। स्वीकृति के चार वर्ष बाद भी सड़क का निर्माण न होने से नाराज सकीड़ा के ग्रामीणों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने का एलान किया है।
खांकर-सकीड़ा सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशन राम के नेतृत्व में बुधवार को भी ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। सड़क निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी की। संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने कहा कि गांव के लिए सड़क न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लंबी जद्दोजहद के बाद सरकार ने वर्ष 2017 में खांकर से सकीड़ा के लिए तीन किमी सड़क स्वीकृत की। सड़क की सर्वे भी की गई लेकिन सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया।
धरने में पर बैठे नवीन चंद्र, सुनील कुमार, जीवन लाल, रमेश चंद्र, वंशी लाल ने कहा कि सरकार और विभाग की उदासीनता के कारण उन लोगों को धरने पर बैठने के लिए बाध्य होना पड़ा। बताया कि सकीड़ा गांव में 60 परिवार निवास करते हैं। गांव तक मोटर मार्ग नहीं होने से बीमार, असहाय लोगों के साथ ही गर्भवती महिलाओं को सड़क तक लाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विभाग जल्द निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन देता रहा है। वन भूमि का प्रस्ताव ऑनलाइन न होने से सड़क निर्माण में बाधा आ रही है कहा है कि सड़क निर्माण का रास्ता प्रशस्त नहीं हुआ तो क्रमिक अनशन शुरू कर दिया जाएगा।