जल संस्थान और जल निगम में 15 वर्षों से काम रहे अंशकालिक मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने से उनमें रोष है। गुस्साए मजदूरों ने मंगलवार को मांगों को लेकर कलक्ट्रेट प्रांगण में नारेबाजी की और डीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में समस्या के जल्द समाधान की मांग की गई। न्यूनतम मजदूरी न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार को मजदूर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट प्रांगण में जमा हुए। उन्होंने कहा कि वह 15 साल से जल निगम और जल संस्थान में पाइप लाइनों की देखरेख, पानी खोलना, बंद करने, हेड की मरम्मत और जल बिल वितरण करते आ रहे हैं। इस काम के लिए उन्हें 2,800 से तीन हजार रुपये प्रतिमाह मिल रहा है, जबकि राज्य में कुशल और अकुशल मजदूरी 350 रुपये प्रतिदिन है।
उच्च न्यायालय ने भी सात अगस्त 2001 को पिटीशनरों को चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के समान वेतनमान देने का निर्देश दिया था जो आज तक लागू नहीं हो सका है। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष धरम सिंह, हरीश चंद्र, करन सिंह, राजेंद्र सिंह, मोहन सिंह, नवीन राम, आनंद सिंह, मोहन पंत, कमल कांत, महिमन सिंह आदि थे।