गरुड़ में बाल विवाह रुकवाने के लिए अभियान चलाता बाल विकास विभाग और वन स्टॉप सेंटर। संवाद न्यूज एज
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बागेश्वर। वन स्टॉप सेंटर और बाल विकास विभाग की टीम ने गरुड़ तहसील के एक गांव में जाकर एक नाबालिग का इस महीने होने वाला बाल विवाह रुकवाया। टीम के सदस्यों ने परिजनों की काउंसलिंग की। उन्हें बेटी के बालिग होने पर ही शादी करने को कहा।
वन स्टॉप सेंटर और बाल विकास विभाग की टीम जिले में नाबालिग बेटियों के विवाह रुकवाने और लोगों को जागरूक करने का अभियान चला रही है। अभियान के तहत बृहस्पतिवार को टीम ने गरुड़ तहसील के एक गांव में एक नाबालिग का इस महीने होने वाला विवाह रुकवाया। टीम के सदस्यों ने परिजनों की काउंसलिंग की। उन्हें बेटी के बालिग होने पर ही शादी करने को कहा। बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र प्रसाद बिष्ट के निर्देश पर वन स्टॉप सेंटर की टीम गांव गई। सेंटर की प्रबंधक षष्ठी कांडपाल के नेतृत्व में टीम ने शिकायत से भी संपर्क किया। बताया गया कि जिस बेटी का विवाह होना था, उसकी उम्र महज 17 साल 10 माह थी। इस पर टीम के सदस्यों ने उसके माता-पिता को बेटी की कम उम्र में शादी करने से होने वाले नुकसान बताए। उन्होंने नाबालिग की शादी करने पर मिलने वाली कानूनी सजा की भी जानकारी दी। इस पर लड़की के परिजनों ने बेटी के बालिग होने पर ही शादी करने का संकल्प लिया। नाबालिग ने भी टीम का आभार जताया। शादी रुकवाने में महिला शक्ति केंद्र, राजस्व उपनिरीक्षक ओर पूर्व ग्राम प्रधान ने भी टीम का सहयोग किया। इस मौके पर टीम की केस काउंसलर जया पांडेय, अधिवक्ता अंजू पांडेय, जिला समन्वयक दीप्ति धपोला आदि मौजूद थी।