ग्राम पंचायत उतरौड़ा के लिए बनी पेयजल योजना गत एक पखवाड़े से ध्वस्त पड़ी है। पानी को लेकर ग्रामीणों में हाहाकार मचा है। पानी के बगैर स्कूली बच्चों के अलावा मवेशी भी परेशान हैं।
मजबूर ग्रामीण सरयू का दूषित पानी पी रहे हैं। ग्रामीणों ने योजना के शीघ्र चालू न होने पर आंदोलन की चेेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार गत एक पखवाड़ा पहले हुई बारिश से सुनिया स्रोत से उतरौड़ा गांव के लिए बनी पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। पेयजल संस्थान तब से योजना को सुचारू नहीं कर सका है।
योजना के ठप होने से गांव के एक सौ परिवार, दो सौ से अधिक मवेशी, प्राइमरी, हाईस्कूल और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के सैकड़ों बच्चे परेशान हो गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि योजना को चालू करने के लिए जल संस्थान से कई बार मांग कर दी है, लेकिन कोई सुन नहीं रहा है।
उन्होंने बताया कि संस्थान ने योजना की मरम्मत के लिए पिछले साल दैवी आपदा मद से दो लाख रुपये खर्च किया था। कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगने के कारण योजना इस बार फिर से क्षतिग्रस्त हो गई है।
सरयू का गंदा पानी पीने के कारण गांव में बीमारी फैलने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से जल संस्थान को योजना शीघ्र चालू करने के लिए सख्त निर्देश देने की मांग की है।
मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन की चेेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में प्रकाश चंद्र जोशी, पीतांबर पांडे, हरीश चंद्र पांडे, गोपाल दत्त जोशी, प्रदीप जोशी, हेम चंद्र जोशी, विश्वंभर पांडे आदि शामिल हैं।