बागेश्वर। जिला पंचायत अध्यक्ष और जिपं के कार्यालयों में दूसरे दिन भी ताले पड़े रहे। आंदोलित जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों ने अगले चरण में क्रमिक और आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
आंदोलित जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार और जिपं सदस्य हरीश ऐठानी ने कहा कि जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। नियुक्तियों में धांधली की गई है। पद से अधिक तैनाती कर दी गई है। विवेकाधीन कोष के नाम पर बजट का 55 प्रतिशत हिस्सा दबा लिया जा रहा है। जिपं के चालकों से कार्य न लेकर संविदा पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से वाहन चलवाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि नियम विरुद्ध चतुर्थश्रेणी कर्मियों को चालक को मिलने वाले टीएडीए का भुगतान किया जा रहा है। मामले उठाने के बाद भी जांच तक नहीं की जा रही है।
जिपं सदस्य वंदना ऐठानी, गोपा धपोला, सुरेंद्र खेतवाल, पूजा आर्या, रेखा देवी, रूपा देवी ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष मीडिया के माध्यम से संवैधानिक तरीके से बातचीत की बात कर रही हैं। वह लोग संवैधानिक अधिकार के तहत ही संवैधानिक रूप से अपनी आवाज उठा रहे हैं। आंदोलन को पांच दिन बीत गए हैं। दो दिन से जिपं में ताले पड़े हैं। अध्यक्ष और एएमए बात करने तक नहीं आ रहे हैं। कहा कि वह लोग अध्यक्ष, एएमए और जिपं के इंजीनियर के साथ मीडिया की मौजूदगी में बात करने के लिए तैयार हैं। अध्यक्ष पहल तो करें।
तालाबंदी के कारण अधिकारी, कर्मचारियों को बैठने के लिए नहीं मिल रही जगह
बागेश्वर। जिपं के कार्यालयों में बृहस्पतिवार से ताले पड़े हैं। इस वजह से जिपं के अधिकारी, कर्मचारियों को बैठने तक की जगह नहीं मिल रही है। जिपं के अधिकारी, कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक जिपं के सभागार में बैठ रहे हैं।
जो भी फैसले हुए हैं। सदन के माध्यम से हुए है। जिला पंचायत सदस्यों से सदन के माध्यम से ही बात होगी। सदन के बाहर बात नहीं होगी। - बसंती देव अध्यक्ष जिला पंचायत बागेश्वर