बागेश्वर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र के लोग भी रोजगार, बढ़ते पलायन और अन्य बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। मतदाताओं की नब्ज टटोलने पर उन्होंने बेबाकी से कहा कि इस बार बुनियादी समस्याओं का समाधान करने वाले को ही विधायक चुुना जाएगा।
काकड़ा गांव के आनंद कांडपाल का कहना है कि गांव में बेरोजगारों की लंबी फौज है। सिंचाई नहर सड़क निर्माण के कारण जगह जगह ध्वस्त हालत में है। नहर की हालत ठीक नहीं होने के कारण कृषि और शाक भाजी प्रभावित हो गई है। समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने वाले को ही विधायक चुना जाएगा।
नगर के सूरज जोशी का कहना है कि अब तक कई सरकारें आई और गई लेकिन बेरोजगारों की लाइन कम करने के लिए किसी ने भी कुछ नहीं किया। डिप्लोमाधारियों को तैनाती की जगह लाठियां खानी पड़ रही हैं। डिग्री प्राप्त युवाओं को चतुर्थ श्रेणी की भी नौकरी नहीं मिल पा रही है। इस बार रोजगार का ठोस आश्वासन देने वाले को ही विधायक चुना जाएगा।
खर्कटम्टा गांव के ललिता प्रसाद का कहना है कि अब तक के जनप्रतिनिधियों के काम सड़क से लगे गांवों तक ही सीमित रहे हैं। विकास के तमाम दावों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं चौपट हैं। वोट उसी को दिया जाएगा जो गांवों की सुध लेगा।
सैंज निवासी उच्छप राम का कहना है कि बंदरों, सुअरों और स्येही का इंतजाम नहीं होने के कारण कृषि चौपट है। कई लोगों ने कृषि छोड़ दी है। सरकार के बंदर बाड़ा बनाने के सारे आश्वासन हवा हवाई साबित हुए हैं। जो रोजगार और जंगली जानवरों के इंतजाम का ठोस आश्वासन देगा उसी के पक्ष में ईवीएम का बटन दबाया जाएगा।