डीएम के सम्मुख समस्याएं रखते लोग।
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जिला प्रशासन की ओर से आयोजित जनता दरबार में भी पेयजल के मामले ही छाए रहे। एक पेयजल योजना को लेकर जांच का आदेश दिया गया। पेयजल संबंधी शिकायतों के निस्तारण के मामलों को एक दूसरे पर थोपने से नाराज जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने विभागों को सामंजस्य बनाकर काम करने की नसीहत दी।
जीजीआईसी में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में ताड़ीखेत विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी ने ताड़ीखेत में मुख्य लाइन से अवैध पेयजल संयोजन वितरित किए जाने, विधायक निधि से ट्यूबवेल टैंक बनाने, रिषिगाड़ पेयजल योजना का पुनर्निर्माण करने, तिपौला पंपिंग योजना को मुख्य टैंक से न जोड़े जाने की शिकायत की। डीएम ने जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों से से इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम ने मासी पेयजल योजना के कार्यों में भुगतान के मामले में एसडीएम को जांच के निर्देश भी दिए। जनता दरबार में कुल 40 शिकायतें दर्ज हुई।
व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी ने कहा कि सिविल नागरिकों के लिए खेल स्टेडियम नहीं है। गोल्फ मैदान को सिविल नागरिकों के लिए नहीं खोला जा रहा। पीसीसी सदस्य कैलाश पांडे ने रानीखेत का पर्यटन विकास करने, ग्रीष्मोत्सव और शरदोत्सव शुरू करने की मांग की।
इस मौके पर ब्लाक प्रमुख रचना रावत, नगरपालिका अध्यक्ष कल्पना आर्या, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास नरेश कुमार, जिला विकास अधिकारी केके पंत, तहसीलदार नितेश डांगर सहित हीरा रावत, गोपाल देव, चंदन बिष्ट, प्रधान राम सिंह, राजेंद्र सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे। संचालन एसडीएम गौरव चटवाल ने किया। पेयजल से संबंधित मुद्दों पर जब विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा गया तो जल निगम और संस्थान के अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोपने लगे। इस पर नाराज डीएम ने कहा कि पहले दोनों विभाग आपस में सामंजस्य स्थापित करें।