जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने आपदा प्रबंधन से संबंधित वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव को किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए जनपद में की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा जिले में स्थापित इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) को पूरी तरह से सजग किया गया है और इसके लिए विगत दिनों आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ की देखरेख में मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि गोदामों में हर वक्त पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध रखे जाने के साथ ही बाजार में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया है। साथ ही अस्पतालों, सीएचसी व पीएचसी में आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश सीएमओ सहित पूरे स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं।
दो दिन पूर्व उत्तराखंड-नेपाल सीमा पर आए भूकंप के कारण विभिन्न जिलों में महसूस किए गए झटकों को देखते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में जिला प्रशासन का अधिक संवेदनशील होना जरूरी है। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में डीजल व पेट्रोल उपलब्ध रखने, मार्ग अवरुद्ध होने पर वैकल्पिक संपर्क मार्ग, वैकल्पिक संचार व्यवस्था, संवेदनशील स्कूलों व पुलों का चिन्हीकरण कर सूची अपने पास रखने, आपदा राहत के लिए जरूरी सभी उपकरणों को दुरुस्त रखने की हिदायत दी, ताकि भूकंप की स्थिति में सभी सहयोगी विभागों, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्वयंसेवकों, एनजीओ व सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि को सक्रिय किया जा सके।
उन्होंने प्रत्येक जनपद में आपदा से निपटने के लिए रणनीति तैयार करने और जनपद में उपलब्ध संचार उपकरणों व संचार माध्यमों की जानकारी भी रखने को कहा। मुख्य सचिव ने जिले में आईआरएस सिस्टम की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीडीओ एसएसएस पांगती, सीएमओ डॉ. संजय साह, एडीएम एसएस जंगपांगी, टीओ भास्करानंद पांडेय सहित आईआरएस सिस्टम से संबंधित सभी अधिकारी उपस्थित थे।