नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत उपनल कर्मियों ने आंदोलन के सातवें दिन रविवार को सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए बागनाथ मंदिर परिसर में हवन किया। कहा कि अब सभी विभागों में छापामारी अभियान चलाएगा। किसी उपनल कर्मी के ड्यूटी में मिलने पर एक हजार रुपये का जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी गई। रविवार को हुई बैठक में संगठन के जिलाध्यक्ष कमल गढ़िया ने कहा कि प्रदेश सरकार उपनल के माध्यम से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं का उत्पीड़न कर रही है। कहा कि हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्सिंग से तैनात कर्मियों का नियमितीकरण कर दिया गया है लेकिन उत्तराखंड में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए पांच जुलाई को उपनल कर्मी देहरादून जाएंगे। उन्होंने सभी कर्मियों से देहरादून चलने का आह्वान किया। इस दौरान सचिव मनीष शर्मा, हरीश रावल, मुकेश चौबे, हरीश रौतेला, प्रकाश उपाध्याय, नीरज लोबियाल, दीपक आर्या, ममता धपोला, चंपा रौतेला, मुन्नी असवाल आदि थे।
देहरादून में आमरण अनशन की चेतावनी
अल्मोड़ा। नियमितीकरण की मांग को लेकर बारिश में भी हड़ताली उपनल कर्मचारी गांधी पार्क में धरना दे रहे हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हरीश रावत सरकार पर कोरे आश्वासन देकर उपनल कर्मियों के साथ छलावा करने का आरोप लगाया। परेड ग्राउंड देहरादून में आमरण अनशन की चेतावनी दी। भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य आशीर्वाद गोस्वामी ने भी आंदोलन को समर्थन जताया। संचालन संगठन के अध्यक्ष गिरीश चन्याल ने किया। वक्ताओं में दिनेश आर्य, जगदीश आर्य, वीरेंद्र लाल, मुन्नी भाकुनी, सोमाली परिहार, पुष्पा आर्या, कमला बिष्ट, चंद्रा चौहान, नीमा नेगी, कमला मठपाल आदि थे।