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अग्निकाल के पहले ही दिन धधका बागेश्वर का जंगल

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बागेश्वर के घिंघारतोला के पास आग से धधकता जंगल। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। अग्निकाल (फायर सीजन) के पहले ही दिन बागेश्वर में जंगल आग से धधक उठा। बागेश्वर रेंज के मनकोट, घिंघारतोला क्षेत्र के जंगल में शनिवार की शाम लगी आग आबादी की ओर बढ़ने से लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। लेकिन आग लगने की सूचना मिलने के डेढ़ घंटे के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। वन विभाग की कंट्रोल बर्निंग से आग भड़कने की बात सामने आ रही है। हालांकि वन विभाग इसकी तस्दीक नहीं कर रहा है।
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शनिवार की शाम करीब पौने छह बजे अग्निशमन विभाग को सूचना मिली कि जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर कांडा रोड में घिंघारतोला में जंगल में लगी आग आबादी की ओर बढ़ रही है। जिला मुख्यालय से शाम 5.55 बजे फायर ब्रिगेड की टीम मौके के लिए रवाना हुई। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी महेश चंद्र ने बताया कि आग ऊंची पहाड़ी में लगी है। आग आबादी की ओर न बढ़े, इसको देखते हुए अग्निशमन का वाहन मौके पर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि वन विभाग की कंट्रोल बर्निंग के दौरान आग भड़कने की सूचना है। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी ने ही प्रभागीय वनाधिकारी को जंगल में आग भड़कने की सूचना दी। शाम साढ़े सात बजे तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी।
इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी मयंक शेखर झा ने बताया कि सूचना मिलने पर बागेश्वर और धरमघर रेंज से कर्मियों को मौके के लिए रवाना कर दिया गया है। डीएफओ ने कंट्रोल बर्निंग की आग भड़कने की बात को स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं किया। कहा कि इस बारे में वह अभी कुछ नहीं बता पाएंगे। उनका कहना था कि इस सीजन में सुबह-शाम कंट्रोल बर्निंग की जाती है। कंट्रोल बर्निंग करने वाले वाले कर्मी एक्सपर्ट होते हैं। जो भी हो अग्निकाल के पहले ही दिन जंगल में आग लगने और फायर ब्रिगेड बुलाने की नौबत आने से वन विभाग की तैयारियों पर सवाल अवश्य खड़े हुए हैं।
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