तमाम विरोध के बावजूद आखिरकार सरकार ने गांवों को पालिका में शामिल करने की अधिसूचना जारी कर दी। इस फैसले के बाद बागेश्वर में 11 ग्राम प्रधानों के साथ ही ब्लॉक प्रमुख और कनिष्ठ प्रमुख की कुर्सी संकट में पड़ गई है। हालांकि इस बारे में शासन स्तर से अभी तक कोई स्पष्ट निर्देश नहीं होने से सभी असमंजस की स्थिति में हैं।
जारी अधिसूचना के अनुसार बागेश्वर के कठायतबाड़ा, भतरौला, मजियाखेत, कफलखेत, मंडलसेरा, मेहनरबुंगा, सैंज, बिलौना, बड़ेत, बिनवाल तिवाड़ी और फल्टनियां गांव नगर पालिका में शामिल कर दिए गए हैं। नगर पालिका में शामिल होने से इन ग्राम पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
ऐसे में ग्राम प्रधानों के पद भी स्वत: ही समाप्त माने जाएंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि गांवों के पालिका में शामिल होने से ग्राम प्रधानों के साथ ही ब्लॉक प्रमुख और कनिष्ठ प्रमुख की कुर्सी पर भी संकट आ गया है। बागेश्वर ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल कठायतबाड़ा में रहती हैं।
नगर से लगा होने के बावजूद यह क्षेत्र अभी तक ग्राम सभा में था। इस गांव को अब नगर में शामिल कर दिया गया है। ऐसे में ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी भी संकट में पड़ गई है। कनिष्ठ प्रमुख सुनीता टम्टा मजियाखेत में रहती हैं। तहसील परिसर से सटे इस गांव को भी पालिका में शामिल किया गया है, जाहिर है उनकी सीट पर भी संकट है।
पंचायत प्रतिनिधि जहां अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं, वहीं प्रशासन भी निर्देशों का इंतजार कर रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी पूनम पाठक ने बताया कि शासन से अभी उनके पास कोई निर्देश नहीं आए हैं। निर्देशों के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
- बागेश्वर ब्लॉक की 11 ग्राम सभाओं को नगर पालिका में शामिल करने के संबंध में जानकारी मिली है। शहरी विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्यवाही की जाएगी।
- राहुल गोयल, एडीएम, बागेश्वर।
हमें जनता ने पांच साल के लिए चुना है। कार्यकाल पूरा करने का मौका मिलना चाहिए। सरकार की ओर से अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार के फैसले के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो इस मामले में विधिक राय भी ली जाएगी।
- रेखा खेतवाल, ब्लॉक प्रमुख और सुनीता टम्टा कनिष्ठ प्रमुख।