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उन्यूणी दे रहे उदाहरण, सैनिक का जज्बा हमेशा रहता है बरकरार

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नारायण सिंह उन्यूणी। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। सैनिक का जज्बा रिटायरमेंट के बाद भी कम नहीं होता, इसका बेहतरीन उदाहरण दिया है रूनीखेत के ऑनरेरी कैप्टन नारायण सिंह उन्यूणी ने। वह सेवानिवृत्त होने के बाद से युवाओं को सेना भर्ती का निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके 24 शिष्य भारतीय सेना का अंग बन चुके हैं।
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कैप्टन उन्यूनी वर्ष 2017 में 12 कुमाऊं रेजीमेंट से ऑनरेरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेना में उन्हें बेहतर ट्रेनर के रूप में जाना जाता था। घर लौटे तो उन्होंने युवी पीढ़ी के उत्थान करने की ठानी और गांव के एक युवा को सेना भर्ती का प्रशिक्षण देने लगे। देखते ही देखते उनके पास कई युवा प्रशिक्षण के लिए आने लगे। अब तो उनके पास हल्द्वानी, अल्मोड़ा समेत तमाम स्थानों से युवा प्रशिक्षण लेने आते हैं। वर्तमान में करीब 50 युवा सेना भर्ती का प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण लेने वाले युवा जिला मुख्यालय के साथ ही तमाम गांवों में किराए का कमरा लेकर रह रहे हैं। कैप्टन उन्यूणी कहते हैं कि जब तक शरीर साथ देगा, वह युवाओं को फौज के लिए तैयार करेंगे। कैप्टन उन्यूणी के जज्बे की हर कोई तारीफ करता है।
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