छोलिया नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार
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मंगलवार को मूर्ति विसर्जन के साथ ही भगवान बागनाथ की नगरी के दो अलग अलग स्थानों पर आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सवों का समापन हो गया है। आयोजकों ने दुर्गा प्रतिमाओं की नगर में पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली। नगर भ्रमण के बाद गणेश, कार्तिकेय, लक्ष्मी, सरस्वती, वैष्णवी, महागौरी, महालक्ष्मी आदि की मूर्तियों को पवित्र सरयू में विसर्जित कर दिया गया।
शोभायात्रा में महिला पुरुष मन मोहक भजनों के गायन में थिरक रहे थे। शोभा यात्राओं में शामिल छोलिया नृत्य ने लोगों का मन मोह लिया।मंगलवार सुबह नुमाईशखेत स्थित आर्शीवाद भवन में नगर पूजा कमेटी और इसी मैदान के पीपल के पेड़ के समीप दुर्गा पूजा महोत्सव कमेटी की ओर से देवी प्रतिमाओं की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इसके बाद मूर्तियों की ढोल नगाड़ों के साथ भव्य शोभा यात्राएं निकाली गई। नगर पूजा कमेटी की शोभायात्रा में कमेटी के अध्यक्ष सूरज जोशी, पंडित सीतावर जोशी, राजेंद्र उपाध्याय, मनोज जोशी, जीवन तिवाड़ी आदि शामिल थे।
उधर श्री दुर्गा पूजा महोत्सव कमेटी की ओर से केदारेश्वर मैदान हिचौड़ी कपकोट में आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया। उधर नगर पंचायत कपकोट के तिरूवाण स्थित कालिका माता के मंदिर में आयोजित भजनों का गायन विशाल भंडारे के साथ संपन्न हो गया है।