बागेश्वर। सरकार जनता दरबारों के जरिये आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने और इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लाख दावे करे, लेकिन जिला मुख्यालय में इसकी जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। मुख्यालय के मुख्य बाजार से लगभग दो किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित होने वाला जनता दरबार अब दूर-दराज से आने वाले गरीब और बुजुर्ग फरियादियों के लिए जी का जंजाल बन चुका है।
वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच पहाड़ी रास्तों की दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पैदल नापकर कलक्ट्रेट पहुंचना आम जनता के लिए किसी सजा से कम नहीं है। इस दुर्गम रास्ते पर चढ़ते-चढ़ते बुजुर्गों और तीमारदारों की सांसें फूल रही हैं। स्थिति यह है कि अपनी फरियाद लेकर आने वाले असहाय लोग कलक्ट्रेट मार्ग पर आने-जाने वाले दुपहिया और चौपहिया वाहन चालकों के आगे हाथ फैलाकर, लिफ्ट मांगकर किसी तरह डीएम के दरबार तक पहुंच पा रहे हैं।
......कोट
इतनी तेज धूप में दो किलोमीटर की चढ़ाई पैदल चढ़कर कलक्ट्रेट पहुंचना हम बूढ़े-बुजुर्गों के बस की बात नहीं है। रास्ते में सांस फूलने लगी तो कई जगह छांव में बैठना पड़ा। गांव में सड़क नहीं होने से पैदल चलना पड़ता है और जिला मुख्यालय में अधिकारियों ने इतनी दूर जनता दरबार लगाकर हमें पैदल कर दिया है।
.......विद्या देवी, बुजर्ग महिला, निवासी स्यालडोबा
घर की परेशानी लेकर साहब के पास आए थे, लेकिन यहां पहुंचने में ही आधी जान निकल गई। घुटनों के दर्द के कारण खड़ी चढ़ाई पर एक-एक कदम भारी पड़ रहा था। रास्ते में आने-जाने वाले दुपहिया वाहनों से लिफ्ट मांगी, लेकिन किसी ने गाड़ी नहीं रोकी। सुगम व्यवस्था का दावा करने वाली सरकार को हम गरीबों की लाचारी दिखाई नहीं देती।
......जानकी देवी, बुजुर्ग महिला घिंघारुतोला
मेरी उम्र अब पैदल चढ़ने की नहीं है, पैर गवाही नहीं देते। मुख्य बाजार से कलक्ट्रेट तक आने के लिए कोई सरकारी वाहन या सस्ता साधन नहीं है, मजबूरी में जेब काटकर अलग से स्पेशल टैक्सी बुक करनी पड़ी। पेंशन के पैसों का एक बड़ा हिस्सा तो साहब के दरबार तक पहुंचने के किराए में ही फुंक गया।
.........हीरा बल्लभ जोशी, बुजुर्ग फरियादी, परकोटी
जनता दरबार का मतलब होता है जनता के लिए आसानी, लेकिन यहां तो सब उल्टा है। कड़कती धूप में दो किमी की चढ़ाई चढ़ना हमारे लिए सीधे अस्पताल पहुंचने जैसा है। इसलिए गांव से जिला मुख्यालय आने के बाद 300 खर्च करके अलग से गाड़ी बुक करनी पड़ी। सरकार को जनता दरबार का आयोजन नगर में ही करना चाहिए।
जनता दरबार में दर्ज हुई 33 समस्याएं
बागेश्वर। डीएम अपूर्वा पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सड़क, पेयजल, बिजली और मुआवजे से जुड़ी 33 शिकायतें दर्ज हुईं। डीएम पांडेय ने रेंतोली गांव के 10 परिवारों को हर घर जल योजना के तहत नल कनेक्शन न मिलने पर जल संस्थान से आज शाम तक रिपोर्ट मांगी। इसके अलावा लोनिवि को कंधार-पत्थरखानी सड़क पर पिलर लगाने, ऊर्जा निगम को लाइनों को छूने वाले पेड़ों की लॉपिंग करने और देवलधार जीआईसी में जीव विज्ञान विषय शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश को दिए। बैठक में सीडीओ आरसी तिवारी और एडीएम एनएस नबियाल मौजूद रहे। संवाद