यहां जल निगम निर्माण इकाई के जेई और एक ठेकेदार के बीच विवाद हुआ। बाद मेें दोनो ही पक्ष थाने में पहुंच गए। आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए इंजीनियरों की बैठक हुई। बाद में थाने मेें ही दोनों पक्षों का समझौता होने पर गिले शिकवे दूर कर लिए गए।
जल निगम निर्माण शाखा के परियोजना प्रबंधक आरके चौहान का कहना था कि 13 मई की शाम चार बजे ठेकेदार नवीन सिंह ने कार्यालय में आकर उनके और जेई प्रकाश चंद्र जोशी के साथ अभद्रता कर जान से मारने की धमकी दी।
जिसके विरोध में पेयजल निगम डिप्लोमा इंजीनियर्स क्षेत्रीय इकाई के उपाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने परियोजना प्रबंधक को पत्र भेजकर ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने, उन्हें काली सूची में डालने की मांग की। चौहान ने बृहस्पतिवार की शाम मामले की सूचना कोतवाली में दी। इसके तुरंत बाद ठेकेदार ने भी एसपी के माध्यम से तहरीर दी।
जिसमें कहा गया है किपांच माह पूर्व उन्होंने जेई प्रकाश चंद्र जोशी के निर्देशन में स्वास्थ्य उपकेंद्र खंतोली के भवन का निर्माण किया है, लेकिन उसका भुगतान नहीं हुआ है। 15 मई को उन्होंने भुगतान के लिए आग्रह किया तो जेई ने उनसे 35 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इसके बगैर भुगतान करने से मना कर दिया।
नवीन सिंह के अनुसार जेई ने अभद्रता करते हुए जान से मारने, काली सूची में डालने की धमकी दी। इस प्रकरण के बाद शुक्रवार को पेयजल निगम के सभी इंजीनियरों ने बैठक की। उन्हाेंने महासंघ के माध्यम से आंदोलन की चेतावनी दी। बाद में कई लोगों की मध्यस्थता के बाद इंजीनियर मान गए।
कोतवाली मेें लिखित समझौता हुआ। दोनों पक्षों ने तहरीरें वापस ली और भविष्य में सहयोगपूर्ण माहौल में काम करने की सहमति व्यक्त की।