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Bageshwar News: विभाग का पांच गांवों में पेयजल आपूर्ति का दावा, ग्रामीण बोले अब तक नहीं टपकी बूंद

Sun, 15 Mar 2026 11:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर। सरकारी कार्यप्रणाली में दावे तो खूब किए जाते हैं लेकिन बमुश्किल ही धरातल पर वह खरे उतरते होंगे। इसकी एक बानगी कांडा के 89 गांवों के लिए बन रही ग्राम समूह पंपिंग पेयजल योजना में देखने को मिल रही है। पिछले मार्च में पूरी होने वाली योजना में अब भी काम चल रहा है। एक ओर विभाग योजना में 15 प्रतिशत कार्य शेष बता रहा है वहीं पांच गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू होने का दावा भी कर रहा है। ग्रामीणों की मानें तो इन गांवाें में पानी की बूंद तक नहीं टपक रही है।
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कांडा ग्राम समूह पंपिंग योजना के लिए 52.78 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं, जिसमें से 28.42 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। विभागीय आधिकारिक दावा है कि योजना की भौतिक प्रगति 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। जल निगम के ईई विपिन कुमार रवि ने छाती, मनकोट, घिंघारूतोला, थाला और बिगुल गांव में रोजाना सुबह के समय दो घंटे पेयजल आपूर्ति शुरू होने की बात कही है। संवाद न्यूज एजेंसी ने जब ग्रामीणों ने इस बारे में बात की तो हकीकत कुछ और ही निकली। लोगों ने बताया कि नल तो हैं लेकिन जल नहीं मिल रहा है।

........फोटो 15 बीजीएस 01 पी

........कोट
गांव में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। जल निगम ने घर-घर में पाइप लाइन तो लगा दी लेकिन न अब तक उनमें एक बूंद भी पानी नहीं आया है। विभाग ने गांव में आपूर्ति के लिए जो टैंक बनाया है उससे ट्रायल के दौरान पानी का लीकेज हो रहा था। गांव के लोग प्राकृतिक स्रोत से पेयजल जुटा रहे हैं। जो कि गर्मी बढ़ने के साथ कम हो रहा है। - केदार सिंह, निवासी थाला
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केदार सिंह, निवासी थाला, फोटो 15 बीजीएस 02 पी

.......कोट
विभाग ने बीते दो दिनों तक गांव में बने टैंक तक पानी तो पहुंचाया, लेकिन वह केवल दिखावा साबित हुआ। नलों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था अभी भी अधूरी है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी अगर हमें पानी के लिए मीलों पैदल चलना पड़े, तो ऐसी योजना का क्या लाभ विभाग को कागजी आंकड़ों के बजाय धरातल पर काम करना चाहिए। - महेश चौबे, निवासी मनकोट

......महेश चौबे, निवासी मनकोट फोटो 15 बीजीएस 03 पी

.......कोट
योजना की समय सीमा बीते एक साल हो गया है, लेकिन हमारे नलों में आज तक नमी नहीं आई। अब गर्मी का मौसम आ रहा है प्राकृतिक स्रोत सूख रहे हैं, ऐसे में हमारी चिंता बढ़ रही है। विभाग ने छाती गांव के लिए जो टैंक बनाया है उसकी गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। निर्माण के कुछ दिनों बाद ही उसका प्लास्टर टूटने लग गया था। - कमल पांडेय, वार्ड सदस्य छाती

........कमल पांडेय, वार्ड सदस्य छाती, फोटो 15 बीजीएस 04 पी

....................कोट
हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है, एक हैंडपंप से पेयजल आपूर्ति होती थी वो भी इन दिनों खराब है। गाड़ियों से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं, कांडा पंपिंग योजना के नल कहीं-कहीं लगे हैं लेकिन उनमें कभी पानी नहीं आता। गर्मी के मौसम में अगर नलों में पानी नहीं आया तो परेशानी और अधिक बढ़ जाएगी। - बसंत बल्लभ उपाध्याय, निवासी घिंघारूतोला


........बसंत बल्लभ उपाध्याय, निवासी घिंघारूतोला, फोटो 01 बीजीएस 05 पी

कोट
हमने पांच गांवों में ट्रायल कर पांच गांवों में घर-घर सुबह के समय दो घंटे पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी है। अन्य 84 गांवों में भी तेजी से कार्य चल रहा है। समय पर बजट नहीं मिलने से योजना के निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं, शासन को बजट की डिमांड भेजी गई है। बजट मिलने के बाद कार्य तेज किया जाएगा। - विपिन कुमार रवि, ईई जल निगम

कोट
कांडा पंपिंग योजना कार्य 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिन घरों में नल नहीं पहुंचे हैं वो लोग विभाग को सूचित कर सकतें हैं। जिन गांवों में कार्य पूरा हो गया है वहां जल्द से जल्द आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए जाएंगे। - आरसी तिवारी, सीडीओ बागेश्वर
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