अपर जिला न्यायाधीश शमशेर अली ने बुधवार को दुराचार के मामले में दोषी को सात साल के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने पीड़िता को धमकाने के मामले में भी एक साल की सजा और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
विकासखंड गरुड़ क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता ने बैजनाथ थाने में दी गई रिपोर्ट में कहा था कि वह 2014 में अपने मायके से ससुराल आ रही थी। तभी आरोपी विनोद कुमार अपनी गाड़ी लेकर आया और जोर जबरदस्ती करके उसे गाड़ी में बैठाकर जंगल की ओर ले गया और वहां आरोपी ने उसके साथ दुराचार किया। पीड़िता की तहरीर पर इस मामले में पुलिस ने 12 मार्च 2014 को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
इस मामले में पीड़िता की ओर से सहायक जिला शासकीय फौजदारी डीके जोशी ने मामले की पैरवी की। उन्होंने न्यायालय में आठ गवाह पेश किए। सुनवाई के दौरान अपर जिला न्यायाधीश ने गवाहों के साक्ष्य का मूल्यांकन और पत्रावली का अध्ययन करने के बाद आरोपी को धारा 376, 452 और 506 में दोषी पाया। न्यायालय ने अभियुक्त विनोद कुमार को धारा 376 में सात साल की कैद और पांच हजार रुपये के जुर्माने के साथ-साथ धारा 452 में एक साल का कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। ब्यूरो