राजकीय शिक्षक संघ की जिला इकाई की बैठक में शासन द्वारा नियुक्तियों के नाम पर शिक्षा क्षेत्र के साथ किए जा रहे खिलवाड़ की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बैठक में सरकार पर पदोन्नति के मामले में शिक्षकों के साथ विश्वासघात करने का आरोप मढ़ा।
बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि नियुक्तियों में दोहरा मानक, राज्य स्तरीय चयन परीक्षा, लोकसेवा आयोग के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन न हुआ तो प्रांतीय आह्वान पर परिषदीय परीक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा।
राजकीय शिक्षक संघ की जिला इकाई के उपाध्यक्ष प्रदीप जोशी की अध्यक्षता में नुमाईशखेत में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ विभाग पदोन्नतियों में काउंसिलिंग के जरिए पदस्थापना की बात कर रहा है। वहीं दूसरी ओर अस्थाई रूप से इधर उधर गए शिक्षकों के पद रिक्त नहीं दिखाए जा रहे हैं।
जिस कारण वर्षों से पदोन्नति की राह देख शिक्षकों के साथ विश्वासघात हो रहा है। इसके अलावा वर्षों से दुर्गम में कार्यरत शिक्षकों का सुगम में स्थानांतरण होना भी असंभव हो गया है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
सरकार अस्थाई शिक्षकों की नियुक्ति के नाम पर प्रशिक्षित बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। बैठक में मांग की गई कि रिक्त पदों को सबसे पहले पदोन्नति से भरा जाए इसके बाद राज्य स्तरीय चयन, लोक सेवा आयोग के आधार पर नियुक्तियां की जाए।
बैठक में चेतावनी दी गई यदि शिक्षकों के हितों पर चोट पहुंची तो प्रांतीय आह्वान पर शिक्षकों को परिषदीय परीक्षा के बहिष्कार के लिए मजबूर होना पड़ेेगा। बैठक का संचालन जिला मंत्री विजय गोस्वामी ने किया।
वहां संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. शैलेंद्र धपोला, हेम जोशी, डा. राजीव जोशी, भुवन चंद्र, दीप पांडे, संजय गुरुरानी, आलोक पांडे, कैलाश प्रकाश, इंद्रा धपोला, हरीश भट्ट, महिपाल डसीला आदि मौजूद थे।