बागेश्वर। चमड़थल ग्राम पंचायत के चौनी गांव के जनशून्य होने के कारणों की जांच की जाएगी। सीडीओ आरसी तिवारी ने गांव से पलायन के कारण और वहां रिवर्स पलायन की संभावनाओं की तलाश के लिए कमेटी का गठन किया है। कमेटी में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
खेती, बागवानी, पशुपालन और मछली पालन की अपार संभावनाओं से भरा चौनी गांव इस साल जनशून्य हो गया है। अमर उजाला ने विगत 15 नवंबर को चौनी उदास है...पलायन की आखिरी दस्तक से जनशून्य हुआ गांव शीर्षक से मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर में गांव से पलायन की पीड़ा को उठाने के साथ-साथ उसे आबाद करने की संभावनाओं पर भी लोगों से बातचीत कर प्रकाश डाला था। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। सीडीओ तिवारी ने बताया कि गांव से पलायन के कारणों की समीक्षा करने वाली कमेटी में परियोजना निदेशक, बीडीओ, कृषि, उद्यान, सहकारिता आदि विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम गांव जाकर पलायन के कारणों का अध्ययन करेगी। गांव से पलायन कर गए लोगों से भी बात की जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर गांव में रिवर्स पलायन योजना के तहत कार्य करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।