बागेश्वर। कनलगड़ घाटी में बरसी आफत से सरकारी परिसंपत्तियों को करोड़ों की चपत लगी है। क्षेत्र में सरकारी विभागों को कुल 10.31 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोनिवि कपकोट को 7.15 करोड़ रुपये और सिंचाई विभाग को 2.59 करोड़ की चपत लगी है। खेती, बागवानी, मछली तालाब भी बारिश की भेंट चढ़ गए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार नदियों और गधेरों का जलस्तर बढ़ने से लोनिवि के सात पैदल पुल बह गए और करीब चार करोड़ का नुकसान हुआ है। सड़कों के हिस्से वॉशआउट होने से 3.15 करोड़ की क्षति हुई है। सिंचाई विभाग की 133.50 लाख की नहरें, 72 लाख रुपये के बाढ़ सुरक्षा कार्य और 54 लाख की पेयजल लाइनों का नुकसान हुआ है।
ऊर्जा निगम को पोल और तार टूटने से 36.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उरेडा के लघु जलविद्युत परियोजना लामाबगड़ में 6.50 लाख और कनलगाड़ में 9.25 लाख रुपये के उपकरणों का नुकसान हुआ है। 20 मत्स्य तालाब और 20 क्विंटल मत्स्य संपदा नष्ट हो गई।
बैसानी गांव में कमला देवी के बकरी बाड़े में 13 बकरियां मलबे में दब गईं। पौंसारी के खाईइजर तोक में प्रभावित परिवारों की 22 बकरियां और चार गाय बह गईं। क्षेत्र में आठ हेक्टेयर भूमि पर फसल को नुकसान हुआ है। स्कूलों को भी 5.30 लाख के नुकसान होने का अनुमान है।
कोट
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सभी विभाग नुकसान का आंकलन तैयार करने में जुटे हैं। लोनिवि ने सड़कों पर यातायात और ऊर्जा निगम ने विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का कार्य शुरू कर दिया है। प्रभावितों को हर संभव राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं। - आरसी तिवारी, सीडीओ, बागेश्वर