भारतीय इतिहास संकलन समिति की बैठक में क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ. विघ्नेश त्यागी ने कहा कि समिति भारत के प्रत्येक जिले का प्रमाणिक इतिहास संकलित करने का कार्य कर रही है। बागेश्वर का भारत के सांस्कृतिक इतिहास में बड़ा महत्व है। इसको देखते हुए समिति द्वारा युग युगीन बागेश्वर ग्रंथ का प्रकाशन भी किया जाएगा।
बागेश्वर दुगबाजार के धौलीनाग भवन में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बागेश्वर कुमाऊं के इतिहास में ही नहीं बल्कि पूरे भारत के सांस्कृतिक इतिहास की महत्वपूर्ण कड़ी है। औपनिवेशिक ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध कुली बेगार आंदोलन इसी धरती पर शुरू हुआ था।
भारतीय इतिहास संकलन समिति युग युगीन बागेश्वर नामक ग्रंथ का प्रकाशन करेगी। कहा कि युग युगीन काशी, युग युगीन हस्तिनापुर, युग युगीन उज्जैन की तर्ज पर ही इस ग्रंथ का प्रकाशन होगा। इसमें इतिहास को तथ्यपरक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। सभी इतिहास के जानकारों के सहयोग से इस कार्य को किया जाएगा। बैठक में संजय गुरुरानी, डॉ. केवल कांडपाल, आलोक नेगी, जगदीश दफौटी, रवि जोशी, कैलाश अंडोला, ख्याली जोशी, नयन पाल आदि थे।