पिंडारी ग्लेशियर के नयनाभिराम को जाने वाले मार्ग पर स्थित भराड़ी के तल्ली बाजार में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। वर्षों पूर्व बनी घटिया स्तर की नाली गंदगी से बजबजा रही है। टैक्सी स्टेंड नहीं बनने के कारण टैक्सियां बाजार में आड़े तिरछी खड़ी रहती हैं। पीने के पानी के लिए बाजार में स्टेंड पोस्ट और हैंड पंप नहीं खोदे गए हैं। लंबित समस्याओं का समाधान न होने के कारण जहां व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है वहीं व्यापारियों, नागरिकों और ग्लेशियरों को सैर सपाटे के लिए जाने वाले सैलानियों को भी कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
हरीश बिष्ट का कहना है कि लोनिवि ने वर्षों पूूर्व गंदे पानी के निकास के लिए नाली का निर्माण कराया लेकिन गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का ख्याल नहीं रखा। गंदे पानी का निकास नहीं होने के कारण वह गंदगी से बजबजा रही है। नगर पंचायत भी सफाई पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
कमल कपकोटी का कहना है कि इसी बाजार से होकर देश विदेश के पर्यटक पिंडारी, सुंदरढुंगा, कफनी और नामिक ग्लेशियर के सैर सपाटे को जाते हैं। लेेकिन बाजार का पर्यटन की दृष्टि से कुछ खास विकास नहीं किया गया है। बाजार के सुंदरीकरण होने पर जहां व्यापार को नए आयाम मिलेंगे। वहीं पर्यटकों को सुविधा होगी।
आनंद सिंह का कहना है कि बाजार में एक अदद हाईटेक शौचालय नहीं है। शौचालय के बगैर व्यापारियों, नागरिकों, पर्यटकों के अलावा खास तौर पर महिलाओं को कई परेशानियां झेलनी पड़ती है। बाजार की दिन में सुबह के समय ही सफाई होती है। शाम होते होते बाजार फिर से कूड़े में तब्दील हो जाता है। कूड़ादान भी नहीं रखा गया है।
राजेंद्र सिंह कोरंगा का कहना है कि बाजार में पीने के पानी की समस्या पहले से ही है। यहां सार्वजनिक स्टेंड पोस्ट और एक अदद हैंड पंप भी नहीं है। बरसात में भनगढ़ से बनी योजना ध्वस्त हो जाती है। जिससे समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। नगर पंपिंग योजना शीघ्र संचालित होनी चाहिए।
खीम सिंह का कहना है कि बाजार में सफाई व्यवस्था, शौचालय का निर्माण के साथ बाजार को जोड़ने वाले सभी संपर्क मार्गों को बेहतर बनने चाहिए। बाजार के व्यवस्थित होने पर व्यापार को नए आयाम मिलेंगे। यहां यातायात कंट्रोल पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है।