तहसील क्षेत्र के शेरी गांव में शनिवार सुबह घात लगाए बैठे एक जंगली सुअर ने लकड़ी बीनने जंगल जा रहे एक ग्रामीण को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। सुअर ने उसे बचानेे के लिए दौड़े दो अन्य लोगों को भी जख्मी कर दिया। तीनों को 108 एंबुलेंस सेे पीएचसी कांडा लाया गया। जहां डाक्टरों ने गंभीर रूप से घायल गोविंद को मृत घोषित कर दिया जबकि दो घायलों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजने की कार्यवाई शुरू कर दी है। गुस्साए ग्रामीणों ने सुअर को घेरकर मार डाला है।
जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह करीब नौ बजे ग्राम पंचायत शेरी के गोविंद सिंह धामी (37), लक्ष्मण सिंह (40) पुत्र सादो सिंह धामी, पूर्व सरपंच लक्ष्मण सिंह (46) पुत्र प्रताप सिंह लकड़ी बीनने के लिए जंगल जा रहे थे। छुरमल मंदिर के धरमचिया गधेरे के पास पहले से घात लगाए बैठे जंगली सुअर ने गोविंद धामी पर हमला बोलकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। उसे बचाने के लिए साथी दौड़े तो सुअर ने उन पर भी हमला बोल दिया। शोरगुल पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणा तत्काल 108 वाहन से तीनों को पीएचसी, कांडा ले गए। गोविंद सिंह के दोनों पैरों से अत्यधिक खून का रिसाव हो गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर ने अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। कांडा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। मृतक दिल्ली के एक कंपनी में कार्यरत था। वह चार दिन पहले छुट्टी पर आया था। वह अपने पीछे पिता, पत्नी बेटा (7) और बेटी (3) को छोड़ गया है। विधायक ललित फर्स्वाण और जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। ग्राम प्रधान चनर राम और बीडीसी सदस्य जोगा सिंह मेहता ने वन विभाग से मृतक के आश्रितों और घायलों को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से जंगली सुअरों से निजात दिलाने की मांग की है।