बैजनाथ की तर्ज पर अब नगर क्षेत्र में बह रही सरयू से कृत्रिम झील बनाने की मांग मुखर होने लगी है। झील के निर्माण के लिए नदी में पर्याप्त पानी है। झील बनने से जहां क्षेत्र के पर्यटन और व्यापार को नए आयाम मिलेंगे। वहीं सैलानी और क्षेत्र के लोग नौकायन का लुत्फ उठा सकेंगे। कई खाली हाथों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। नदी के दोनों किनारे सुरक्षा दीवार बनने से रिहायशी इलाके भी सुरक्षित रहेंगे। लोगों ने शासन और पर्यटन मंत्रालय से इस मांग को शीघ्र पूरा करने को कहा है।
मालूम हो कि इस विकास खंड में विश्व प्रसिद्ध पिंडारी, सुंदरढुंगा और कफनी ग्लेशियर समेत कई मनोहारी स्थल हैं इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर लोगों कीआस्था के प्रतीक भव्य मंदिर हैं। जहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। नगर क्षेत्र में अनादिकाल से सरयू बह रही है। केदारेश्वर मैदान से भराड़ी तक यदि कृत्रिम झील का निर्माण हो जाए तो इससे क्षेत्र की सुंदरता में चार चांद लगेंगे।
नदी के दोनों किनारों पर सीमेंट कंक्रीट की अच्छी गुणवत्ता वाली ऊंची-ऊंची दीवारें बनने से रिहायशी इलाकों को बाढ़ से सुरक्षा होगी। झील बनने से क्षेत्र के विकास में और भी तेजी आएगी। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने शासन और पर्यटन विभाग से सरयू में कृत्रिम झील का निर्माण के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
मांग करने वालों में जन चेतना मंच के अध्यक्ष गोविंद गोरिला, पूर्व प्रमुख राम गिरि गोस्वामी, कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता प्रेम सिंह धर्मशक्तू, प्रेम पुरी गोस्वामी, ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, सभासद गिरीश जोशी, बलवंत कपकोटी, छात्रनेता राजा शाही, पूर्व प्रधान हरीश फर्स्वाण, हरीश जोशी और पूर्व बीडीसी सदस्य खुशहाल गढ़िया आदि शामिल हैं।