काफलीगैर (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र की एक दशक से अधिक समय से चली आ रही डिग्री कॉलेज खोलने की मांग फाइलों में सिमटकर रह गई है। दो मुख्यमंत्रियों की घोषणा में शामिल डिग्री कॉलेज खोलने के लिए ओखली सिरौद के ग्रामीणों ने जमीन भी दान कर दी है। बावजूद इसके कॉलेज नहीं खुलने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी है। डिग्री कॉलेज न होने के कारण इस क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थी बागेश्वर या अल्मोड़ा जाने को मजबूर हैं।
काफलीगैर में डिग्री कॉलेज खोलने के लिए सबसे पहले 2016 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने खूंट में आयोजित एक कार्यक्रम में घोषणा की थी। वर्तमान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 15 अक्तूबर 2021 और चार सितंबर 2022 को काफलीगैर में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की थी। शासन और प्रशासन की तरफ से डिग्री कॉलेज के निर्माण के लिए तेजी से काम करने की बात कही जाती रही है। लेकिन मामला अभी फाइलों में ही सिमटा हुआ है।
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क्षेत्र में संचालित हैं पांच इंटर कॉलेज
काफलीगैर तहसील क्षेत्र की आबादी करीब 55 हजार है। क्षेत्र में पांच राजकीय इंटर कालेज काफलीगैर, भटखोला, देवलधार, बोहाला और सैंज में संचालित हैं। हर साल इन स्कूलों से इंटर पास करने के बाद सैकड़ों विद्यार्थियों आगे की पढ़ाई के लिए 15 से 55 किमी दूर जिला मुख्यालय बागेश्वर या फिर अल्मोड़ा जाना पड़ता है।
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काफलीगैर तहसील क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग 15 साल से अधिक पुरानी है। कई बार संघर्ष समिति ने शासन-प्रशासन के सम्मुख मांग उठाई। क्षेत्र के विद्यार्थियों का हित देखते हुए जल्द डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू किया जाना चाहिए।
नरेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष कठपुड़ियाछीना जन संघर्ष समिति
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काफलीगैर तहसील क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की सख्त दरकार है। हमारे गांव के लोगों ने कॉलेज के जमीन भी दान कर दी है। शासन-प्रशासन को जल्द क्षेत्रवासियों की मांग के अनुसार डिग्री कॉलेज खोलना चाहिए।
संजय कुमार, ग्राम प्रधान, ओखलीसिरौद
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काफलीगैर में डिग्री कॉलेज खोलने के मामले में तेजी से प्रगति हो रही है। कॉलेज के लिए जमीन का प्रबंध हो गया है। जल्द से जल्द कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
पार्वती दास, विधायक, बागेश्वर