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किसानों को खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती की तकनीक बताई

Sat, 27 May 2017 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
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केवीके में मौजूद विशेषज्ञ व किसान। - फोटो : अमर उजाला
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कृषि विज्ञान केन्द्र काफलीगैर में खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती विषय पर एक दिवसीय कृषक गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी का उद्घाटन केंद्र के प्रभारी अधिकारी डा. एनके सिंह ने किया। किसानों को धान, गहत, सोया, अरहर, मडुआ, मादिरा, भिंडी, बीन, बाजरा और चरी की खेती के लिए उन्नत बीजों की जानकारी दी गई।
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 विशेषज्ञों ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत वर्ष 2017-18 के लिए बागेश्वर जिले के लिए धान एवं मंडुवा की फसलें चिन्हित की गई हैं। साथ ही मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत फ्रेंच बीन, मिर्च, टमाटर, अदरक सब्जी फसलें चिन्हित की गई हैं। इसकी विस्तृत जानकारी जिले के कृषि एवं उद्यान विभाग तथा नेशनल एग्रीकल्चर एंश्योरेंस कंपनी से प्राप्त कर सकते हैं। प्रक्षेत्र प्रबंधक एमपी सिंह ने खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती के विषय में काश्तकारों को जानकारी दी। पादप सुरक्षा विशेषज्ञ हरीश चन्द्र जोशी ने खरीफ फसलों में लगने वाले प्रमुख रोग उकठा, झौंका, जड़ गलन आदि एवं प्रमुख कीट जैसे कटुवा, हेलीकोवरपा, तना छेदक आदि कीटों से रोकथाम की जानकारी दी।

गोष्ठी में डा. लक्ष्मीकांत, वैज्ञानिक डा. रेनू जेठी, एवं डीडी किसान चैनल दिल्ली के प्रोग्राम एक्जीक्यूटिव मोहम्मद फैजल उपस्थित थे। प्रधान वैज्ञानिक डा. लक्ष्मीकांत और डा. रेनू जेठी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी दी। प्रशिक्षण में बोहाला के नरेन्द्र सिंह रावत, गुरसाड़ी के हरीश चन्द्र, करालागांव के शेर सिंह, आवंलीगाड़ की किसान तारा जोशी, मीरा रौतेला, खौलसीर ग्राम के लक्ष्मीदत्त एवं हरी राम और मटेला के बच्चे सिंह सहित 43 किसानों ने प्रतिभाग किया। 
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